मुख्यमंत्री कृषक Scholarship 2026: DDU के Agriculture Students को मिलेगा लाभ, जानें जरूरी शर्तें

उत्तर प्रदेश के किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना महत्वपूर्ण सहायता योजना है। वर्ष 2026 में इस योजना को लेकर दायरा बढ़ाने और छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय यानी DDU में Agriculture की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यह योजना महत्वपूर्ण है।

DDU गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान में कृषि से जुड़े पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय की 2026 प्रवेश जानकारी में B.Sc. Agriculture (Hons.) और B.Sc. Agriculture (Hons.) in Natural Farming जैसे पाठ्यक्रम भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना क्या है?

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना उत्तर प्रदेश में किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बच्चों को कृषि शिक्षा के दौरान आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। योजना के पुराने आधिकारिक प्रावधानों के अनुसार कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों और कृषि महाविद्यालयों में कृषि तथा संबंधित विषयों की स्नातक और स्नातकोत्तर पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती रही है।

वर्ष 2026 में मुख्यमंत्री ने योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक पात्र विद्यार्थियों को लाभ देने की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार छात्रवृत्ति की राशि ₹3,000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹5,000 प्रति माह करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि मंडी परिषद की 2024-25 की आधिकारिक सामग्री में ₹3,000 प्रतिमाह की पुरानी दर दर्ज है, इसलिए आवेदन करते समय उस वर्ष के लागू आधिकारिक आदेश और विश्वविद्यालय के निर्देश को प्राथमिकता देना जरूरी है।

DDU Agriculture Students को क्यों मिल सकता है लाभ?

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कृषि एवं प्राकृतिक विज्ञान संस्थान को मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना से जोड़ने की पहल पहले ही की जा चुकी थी। 2025 में सामने आई जानकारी के अनुसार संस्थान को उत्तर प्रदेश मंडी परिषद से संस्थागत स्वीकृति मिलने के बाद गरीब कृषक परिवारों से संबंधित पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने का रास्ता तैयार हुआ था।

DDU की वर्तमान प्रवेश जानकारी में B.Sc. Agriculture (Hons.) तथा B.Sc. Agriculture (Hons.) in Natural Farming जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इसलिए Agriculture की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए योजना से संबंधित विश्वविद्यालयी सूचना पर नजर रखना जरूरी है।

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति 2026 की जरूरी पात्रता

योजना के पुराने आधिकारिक प्रावधानों में पात्रता के लिए विद्यार्थी का उत्तर प्रदेश का निवासी होना और किसान या खेतिहर मजदूर परिवार से संबंधित होना प्रमुख शर्तों में शामिल था। छात्रवृत्ति मेरिट के आधार पर देने का प्रावधान भी बताया गया है।

मुख्य रूप से इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है:

  • विद्यार्थी उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए।
  • विद्यार्थी किसान या खेतिहर मजदूर परिवार से संबंधित होना चाहिए और संबंधित पारिवारिक स्थिति का प्रमाण देना पड़ सकता है।
  • विद्यार्थी मान्य कृषि विश्वविद्यालय, कृषि संस्थान या कृषि महाविद्यालय में पात्र कृषि पाठ्यक्रम में नियमित रूप से अध्ययन कर रहा हो।
  • स्नातक स्तर के लिए पुराने नियमों में UP Board से इंटरमीडिएट में न्यूनतम 70 प्रतिशत और अन्य बोर्ड से न्यूनतम 85 प्रतिशत अंक का मानक बताया गया था, जबकि स्नातकोत्तर के लिए स्नातक स्तर पर न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक का प्रावधान था। लागू वर्ष के नियमों की पुष्टि संस्थान से करना जरूरी है।

छात्रवृत्ति कितनी मिलेगी?

इस योजना की पुरानी दर ₹3,000 प्रतिमाह थी। मंडी परिषद की आधिकारिक 2024-25 सामग्री में भी कृषि शिक्षा के पात्र विद्यार्थियों को ₹3,000 प्रतिमाह छात्रवृत्ति देने की जानकारी दर्ज है।

लेकिन जुलाई 2026 में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंडी परिषद की बैठक से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार छात्रवृत्ति की राशि बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक विद्यार्थियों को शामिल करने की बात कही गई है।

इसलिए 2026-27 के लिए विद्यार्थियों को यह समझना चाहिए कि ₹5,000 प्रतिमाह की नई दर के क्रियान्वयन से संबंधित अंतिम संस्थागत प्रक्रिया और लागू नियमों की जानकारी विश्वविद्यालय या मंडी परिषद के संबंधित आदेश से ही तय होगी।

आवेदन और दस्तावेजों को लेकर क्या ध्यान रखें?

पुराने योजना प्रावधानों के अनुसार विद्यार्थी को आवेदन के साथ अपनी शैक्षणिक अंकतालिका और संबंधित प्रमाण-पत्र शिक्षण संस्था के सक्षम अधिकारी के पास जमा करने होते थे। चयन मेरिट और निर्धारित पात्रता के आधार पर किया जाता था।

आवेदन की तैयारी करते समय विद्यार्थी अपने दस्तावेज पहले से तैयार रख सकते हैं:

  • पिछली कक्षा या निर्धारित परीक्षा की अंकतालिका।
  • उत्तर प्रदेश निवास से संबंधित प्रमाण।
  • किसान या खेतिहर मजदूर परिवार से संबंधित प्रमाण।
  • बैंक खाते से संबंधित विवरण और अन्य संस्थान द्वारा मांगे गए दस्तावेज।

अंतिम दस्तावेजों की सूची और आवेदन की प्रक्रिया 2026-27 में संबंधित विश्वविद्यालय, कॉलेज या मंडी परिषद द्वारा जारी निर्देश के अनुसार ही मान्य होगी।

DDU के छात्रों को क्या करना चाहिए?

DDU में Agriculture की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति से जुड़ी सूचना के लिए विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग और प्रशासनिक कार्यालय की जानकारी देखते रहना चाहिए। DDU की 2026 प्रवेश वेबसाइट पर Agriculture से संबंधित पाठ्यक्रम और प्रवेश सूचनाएं उपलब्ध हैं।

साथ ही छात्र अपनी पात्रता, अंक प्रतिशत, पारिवारिक किसान/मजदूर स्थिति और आवश्यक प्रमाण-पत्रों की जांच पहले ही कर लें। यदि विश्वविद्यालय की ओर से आवेदन या सत्यापन के लिए कोई समय-सीमा जारी होती है, तो उसके भीतर दस्तावेज जमा करना जरूरी होगा।

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना 2026 किसानों और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता का माध्यम है। DDU गोरखपुर विश्वविद्यालय के Agriculture Students के लिए भी यह योजना प्रासंगिक है, क्योंकि विश्वविद्यालय में कृषि से जुड़े स्नातक पाठ्यक्रम संचालित हैं और संस्थान को योजना से जोड़ने की पहल पहले की जा चुकी है।

2026 में छात्रवृत्ति को ₹3,000 से बढ़ाकर ₹5,000 प्रतिमाह करने के निर्देश की जानकारी सामने आई है, लेकिन नई राशि और आवेदन की अंतिम प्रक्रिया के लिए लागू आधिकारिक आदेश को ही अंतिम माना जाना चाहिए। इसलिए पात्र विद्यार्थी अपने दस्तावेज तैयार रखें और DDU तथा संबंधित मंडी परिषद की आधिकारिक सूचना के अनुसार आवेदन करें।

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