रतलाम में फर्जी भर्ती का मामला, जांच में सामने आया डमी अभ्यर्थियों का नेटवर्क

रतलाम में पश्चिम रेलवे की ग्रुप-D यानी लेवल-1 भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थियों का मामला सामने आया है। जांच के दौरान दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने पहुंचे कई युवकों को पकड़ा गया। पुलिस अब इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों और कथित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे युवक

सितंबर 2026 में रतलाम में आयोजित रेलवे भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान ऐसे उम्मीदवार पकड़े गए, जो दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। रिपोर्टों के अनुसार कुछ मामलों में पहचान सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि कुछ युवकों ने दूसरे उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देने के लिए पैसे लेने की बात स्वीकार की है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन लोग शामिल हैं।

पहचान जांच के दौरान खुला मामला

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रतलाम में कुछ डमी अभ्यर्थियों की पहचान जांच के दौरान हुई। एक रिपोर्ट में बताया गया कि रेटिना जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के तीन युवकों को पकड़ा गया। जांच में एक आरोपी के इसी भर्ती की कंप्यूटर आधारित परीक्षा में भी दूसरे उम्मीदवार की जगह शामिल होने की जानकारी सामने आई।

इस घटनाक्रम के बाद भर्ती प्रक्रिया में पहचान सत्यापन की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। रेलवे स्तर पर मामले की जांच जारी बताई गई है।

पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच

जांच का दायरा केवल परीक्षा केंद्र पर पकड़े गए उम्मीदवारों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी उम्मीदवारों की व्यवस्था किसने की, उम्मीदवारों और डमी अभ्यर्थियों के बीच संपर्क कैसे हुआ और इस प्रक्रिया में अन्य लोग शामिल थे या नहीं।

कुछ मामलों में दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने के लिए रकम तय होने की बात भी जांच में सामने आई है। हालांकि किसी व्यक्ति की अंतिम भूमिका के बारे में निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकता है।

कृषि विभाग से जुड़े आरोप की पुष्टि नहीं

आपके मूल शीर्षक में कृषि विभाग के भी इस नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। लेकिन उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में रतलाम के कृषि विभाग की इस रेलवे भर्ती फर्जीवाड़े में संलिप्तता की पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए कृषि विभाग के किसी अधिकारी या कर्मचारी को इस मामले से जोड़कर तथ्यात्मक दावा करना उचित नहीं होगा।

यदि किसी शिकायत, एफआईआर, जांच रिपोर्ट या आधिकारिक बयान में कृषि विभाग से संबंधित अलग आरोप सामने आते हैं, तो उस दस्तावेज के आधार पर मामले की अलग से रिपोर्टिंग की जा सकती है।

आगे की जांच से सामने आएगी पूरी तस्वीर

रतलाम में सामने आए इस मामले में पुलिस की जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने का नेटवर्क कितना व्यापक था।

किसी भी भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार की पहचान और पात्रता का सही सत्यापन महत्वपूर्ण होता है। इस मामले में जांच पूरी होने के बाद ही जिम्मेदार लोगों और उनकी भूमिका को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

रतलाम में रेलवे ग्रुप-D भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे कई फर्जी उम्मीदवारों का मामला सामने आया है। पुलिस इस मामले में गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर कथित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में कृषि विभाग की संलिप्तता की पुष्टि नहीं है। इसलिए इस आरोप को तथ्य के रूप में पेश करने के बजाय आधिकारिक जांच या दस्तावेज सामने आने का इंतजार करना जरूरी है।

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