बागपत में Millet Festival और कृषि मेला, किसानों को अनाज से लेकर सरकारी योजनाओं तक की जानकारी

बागपत में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत न्यूट्री सीरियल योजना के अंतर्गत मिलेट्स महोत्सव एवं कृषि मेले का आयोजन किया गया। कलेक्ट्रेट लोकमंच पर हुए इस कार्यक्रम में किसानों ने हिस्सा लिया और श्री अन्न की उपयोगिता, आधुनिक कृषि तकनीक तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

किसानों को श्री अन्न की खेती की जानकारी

मिलेट्स यानी श्री अन्न को लेकर किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने पर कार्यक्रम में विशेष जोर दिया गया। श्री अन्न में मोटा अनाज शामिल होता है और इन्हें पोषण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों को बदलते कृषि परिवेश में श्री अन्न की खेती की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। किसानों के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि किसी फसल का चयन करते समय अपने क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी, पानी की उपलब्धता और बाजार की मांग को ध्यान में रखें।

कृषि मेले में लगाए गए अलग-अलग स्टॉल

कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग सहित संबंधित विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल के माध्यम से किसानों को कृषि और कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराई गई।

कृषि मेले का उद्देश्य केवल योजनाओं की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि किसानों को नई तकनीक और खेती से जुड़े व्यावहारिक विषयों से परिचित कराना भी रहा।

आधुनिक Farming Technology पर भी जोर

मेले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। खेती में तकनीक का इस्तेमाल बीज चयन, फसल प्रबंधन, सिंचाई, पोषक तत्वों के संतुलित इस्तेमाल और कीट-रोग निगरानी जैसे कई स्तरों पर किया जा सकता है।

आधुनिक तकनीक अपनाने से किसान उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि किसी भी नई तकनीक को अपनाने से पहले उसके स्थानीय परिस्थितियों में उपयोग और लागत का आकलन करना जरूरी है।

सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंची

कृषि मेले में किसानों को विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए गए। इससे किसानों को उनके लिए उपलब्ध कृषि सहायता और कार्यक्रमों को समझने का अवसर मिला।

उत्तर प्रदेश में मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए राज्य स्तर पर भी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश Millets Revival Program के तहत श्री अन्न की विभिन्न फसलों के मिनी-किट, जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण, जिला स्तरीय मिलेट्स फेस्टिवल और अन्य गतिविधियां शामिल हैं।

किन श्री अन्न फसलों पर दिया जा रहा जोर

उत्तर प्रदेश के मिलेट्स कार्यक्रम में सांवा, कोदो, मडुआ, संकर ज्वार और संकर बाजरा जैसी फसलों को शामिल किया गया है। किसानों के बीच इन फसलों को लेकर जागरूकता और क्षमता निर्माण के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

किसानों को अपने जिले और खेती की परिस्थितियों के अनुसार ही फसल तथा किस्म का चुनाव करना चाहिए। बीज की उपलब्धता और स्थानीय कृषि विभाग की सिफारिश को ध्यान में रखना भी जरूरी है।

किसानों के लिए ऐसे मेले क्यों महत्वपूर्ण

कृषि मेले किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच सीधे संवाद का माध्यम बनते हैं। किसान एक ही जगह पर खेती की तकनीक, योजनाओं और नई कृषि गतिविधियों से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

ऐसे कार्यक्रमों में किसानों को अपनी समस्याएं विशेषज्ञों के सामने रखने और खेती में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों पर सलाह लेने का अवसर भी मिलता है।

खेती में बदलाव के लिए जरूरी है सही जानकारी

आज खेती में मौसम, पानी की उपलब्धता, लागत और बाजार जैसी कई चुनौतियां हैं। ऐसे में किसानों के लिए केवल पारंपरिक जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय कृषि विज्ञान और स्थानीय विशेषज्ञों की सलाह को भी समझना उपयोगी हो सकता है।

श्री अन्न जैसी फसलों के साथ आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने से किसान अपनी खेती की योजना बेहतर तरीके से बना सकते हैं। हालांकि किसी योजना का लाभ लेने से पहले उसकी पात्रता और वर्तमान नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।

बागपत में आयोजित Millet Festival और कृषि मेले में किसानों को श्री अन्न की उपयोगिता, आधुनिक Farming Technology और कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई। विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉल किसानों के लिए जानकारी का महत्वपूर्ण माध्यम बने। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए किसानों तक नई तकनीक और सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

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