केंद्र स्तर पर भी इस मामले में कार्रवाई हुई है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी CCPA ने साइक्लोसिनोन Herbicide की बिक्री और विज्ञापन को लेकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर कार्रवाई की है। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित उत्पाद के नियामकीय पंजीकरण और आवश्यक जानकारी को लेकर गंभीर सवाल सामने आए थे।
साइक्लोसिनोन को लेकर क्यों हुई कार्रवाई?
कृषि मंत्रालय की ओर से CCPA के सामने रखी गई जानकारी के अनुसार ‘Cyclosinone’ नाम का रसायन कीटनाशक अधिनियम, 1968 की संबंधित अनुसूची में सूचीबद्ध नहीं था। इसके अलावा ऑनलाइन लिस्टिंग में उत्पाद की सक्रिय सामग्री और रासायनिक संरचना जैसी जरूरी जानकारी के अभाव की बात भी सामने आई।
मई 2026 में CCPA की कार्रवाई के बाद Amazon, Flipkart, Meesho और JioMart ने संबंधित उत्पाद की ऑनलाइन लिस्टिंग हटाने की जानकारी दी थी। बाद में सितंबर 2026 में CCPA ने Amazon और Flipkart पर ₹10-10 लाख तथा JioMart पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया।
जिला स्तर पर कृषि अधिकारियों के निर्देश
कुछ जिलों में कृषि विभाग ने स्थानीय स्तर पर भी विक्रेताओं को निर्देश जारी किए हैं। बस्ती में जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने कीटनाशी विक्रेताओं, डीलरों और वितरकों को साइक्लोसिनोन की बिक्री नहीं करने को कहा। निरीक्षण के दौरान बिक्री या भंडारण मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
रायबरेली में भी जिला कृषि रक्षा अधिकारी की ओर से विक्रेताओं को साइक्लोसिनोन Herbicide की बिक्री और वितरण प्रतिबंधित होने की सूचना दी गई थी तथा उल्लंघन की स्थिति में कीटनाशी अधिनियम और नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही गई।
किसानों के लिए क्या है जरूरी अपडेट?
किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कृषि रसायन खरीदते समय उसके पंजीकरण, लेबल और वैधता संबंधी जानकारी की जांच करें। किसी ऑनलाइन विज्ञापन या दुकानदार के दावे के आधार पर किसी भी कृषि रसायन का इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
- केवल पंजीकृत और अनुमोदित कृषि रसायन ही खरीदें।
- पैकेट पर उत्पाद का लेबल, बैच नंबर और जरूरी नियामकीय जानकारी जांचें।
- कृषि रसायन खरीदते समय पक्का बिल जरूर लें।
- किसी संदिग्ध या अपंजीकृत उत्पाद की जानकारी मिलने पर स्थानीय कृषि विभाग से संपर्क करें।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी हुई कार्रवाई
साइक्लोसिनोन मामले में कार्रवाई केवल स्थानीय दुकानों तक सीमित नहीं रही। CCPA ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों को भी ऐसे उत्पादों की बिक्री और विज्ञापन रोकने तथा अपने प्लेटफॉर्म का सेल्फ-ऑडिट करने के निर्देश दिए। प्राधिकरण ने कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे उत्पादों की नियामकीय स्थिति की जांच जरूरी है।
इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि कृषि रसायनों की ऑनलाइन बिक्री में भी नियामकीय मानकों का पालन जरूरी है। किसानों के लिए किसी उत्पाद का ऑनलाइन उपलब्ध होना अपने आप में उसके वैध या अनुमोदित होने का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।
कृषि रसायन खरीदते समय सावधानी जरूरी
खरपतवारनाशी, कीटनाशक और अन्य कृषि रसायनों का इस्तेमाल फसल की जरूरत तथा विशेषज्ञ सलाह के अनुसार किया जाना चाहिए। किसी संदिग्ध उत्पाद के इस्तेमाल से फसल, मिट्टी और किसान की सुरक्षा से जुड़े जोखिम पैदा हो सकते हैं। इसलिए उत्पाद की पहचान और नियामकीय स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही उसका उपयोग किया जाना चाहिए।
कृषि विभागों की ओर से भी किसानों को पंजीकृत दुकानों और अनुमोदित कृषि रसायनों के माध्यम से खरीदारी करने की सलाह दी जा रही है। भदोही में कृषि विभाग ने साइक्लोसिनोन की बिक्री पर रोक को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया और किसानों से पंजीकृत दुकानों से अनुमोदित कृषि रसायन खरीदने की अपील की।
साइक्लोसिनोन Herbicide को लेकर केंद्र और जिला स्तर पर हुई कार्रवाई के बाद किसानों और कृषि रसायन विक्रेताओं के लिए सावधानी बरतना जरूरी हो गया है। CCPA ने संबंधित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों पर कार्रवाई करते हुए बिक्री और विज्ञापन बंद करने के निर्देश दिए हैं, जबकि कई जिलों में कृषि अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर बिक्री और भंडारण को लेकर निर्देश जारी किए हैं।
किसानों को किसी भी खरपतवारनाशी या कीटनाशक को खरीदने और इस्तेमाल करने से पहले उसकी वैधता और पंजीकरण की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। कृषि रसायन के मामले में सही पहचान, अधिकृत स्रोत से खरीद और कृषि विशेषज्ञ की सलाह फसल प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
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