ऊंटनी के दूध को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक लगातार नई तकनीकों पर काम कर रहे हैं। ताजा शोध में non-thermal processing तकनीक के जरिए ऊंटनी के दूध की shelf life बढ़ाने और उसके पोषक व bioactive components को बेहतर तरीके से बनाए रखने की संभावनाएं सामने आई हैं।
ऊंटनी का दूध सामान्य दूध की तुलना में अलग संरचना रखता है और इसमें कई bioactive proteins पाए जाते हैं। इसकी processing और storage के दौरान गुणवत्ता बनाए रखना इसलिए एक अलग तकनीकी चुनौती है।
नई तकनीक से Shelf Life बढ़ाने की कोशिश
2026 में प्रकाशित एक शोध में Dielectric Barrier Discharge Cold Plasma यानी DBD-CP तकनीक का परीक्षण किया गया। शोधकर्ताओं के अनुसार refrigerated conditions में इस treatment से camel milk की shelf life 4 दिन से बढ़कर 16 दिन तक पहुंची, यानी प्रयोग की परिस्थितियों में करीब चार गुना वृद्धि दर्ज की गई।
इस तकनीक की खास बात यह बताई गई कि इसमें पारंपरिक heat treatment की तुलना में दूध के कुछ संवेदनशील पोषक और bioactive components को बेहतर तरीके से बनाए रखने की क्षमता दिखाई दी।
दूध की गुणवत्ता बनाए रखना भी चुनौती
ऊंटनी के दूध में lactoferrin, immunoglobulins और lysozyme जैसे bioactive components पाए जाते हैं। इसलिए processing technology विकसित करते समय केवल microbial safety और shelf life बढ़ाना ही लक्ष्य नहीं होता, बल्कि दूध की मूल गुणवत्ता को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
शोध में cold-plasma treatment के बाद कई प्रमुख nutrients और bioactive proteins की बड़ी मात्रा बरकरार रहने की रिपोर्ट की गई। हालांकि प्रयोगशाला के परिणामों को बड़े commercial processing system में लागू करने से पहले आगे validation की जरूरत रहती है।
पहले के भारतीय शोध में भी मिले महत्वपूर्ण संकेत
भारत में ICAR के Indian Journal of Animal Sciences में प्रकाशित एक अध्ययन में camel milk की shelf life की तुलना cow milk से की गई थी। अध्ययन में पाया गया कि camel milk में acidity का विकास अपेक्षाकृत धीमा था और refrigerated तथा ambient conditions में इसकी storage characteristics अलग थीं। Pasteurization और refrigeration ने दोनों प्रकार के दूध की shelf life बढ़ाने में मदद की।
इससे यह संकेत मिलता है कि ऊंटनी के दूध के लिए temperature control और उचित processing का महत्व काफी अधिक है।
किसानों और Camel Dairy Sector के लिए क्या मायने
ऊंटनी के दूध की shelf life बढ़ने से केवल processing industry को ही फायदा नहीं हो सकता, बल्कि camel rearers और dairy businesses के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं। यदि दूध को सुरक्षित तरीके से अधिक समय तक store और transport किया जा सके, तो दूर के बाजारों तक इसके उत्पाद पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
हालांकि किसी नई तकनीक के commercial इस्तेमाल से पहले food safety, लागत, processing capacity और regulatory requirements जैसी बातों का परीक्षण जरूरी होता है।
Research से जुड़े ये पहलू महत्वपूर्ण
- ऊंटनी के दूध को सुरक्षित रखने के लिए thermal और non-thermal दोनों processing technologies पर शोध जारी है।
- Refrigeration के साथ उचित processing shelf life बढ़ाने में मदद कर सकती है।
- नई तकनीकों में microbial safety के साथ दूध के nutrients और bioactive components को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है।
- Laboratory research के परिणामों को बड़े स्तर पर commercial use में लाने से पहले अतिरिक्त validation और safety testing जरूरी होती है।
Patent को लेकर क्या समझें
किसी research या technology को patent मिलना उस तकनीक के किसी आविष्कार या तकनीकी प्रक्रिया पर कानूनी संरक्षण से जुड़ा विषय होता है। लेकिन उपलब्ध स्रोतों में इस विशेष “shelf life दोगुनी करने वाले ऊंटनी के दूध के शोध” के लिए ऐसा patent record मुझे पुष्ट रूप से नहीं मिला।
इसलिए patent मिलने की बात को संबंधित संस्थान या आधिकारिक patent record से पुष्टि होने के बाद ही निश्चित तथ्य के रूप में प्रकाशित करना उचित होगा। दूसरी ओर, camel milk की shelf life बढ़ाने वाली कई processing technologies पर patent और research literature पहले से मौजूद हैं।
ऊंटनी के दूध की shelf life बढ़ाने के लिए नई processing technologies पर हो रहा शोध camel dairy sector के लिए महत्वपूर्ण है। 2026 के एक अध्ययन में cold-plasma technology से refrigerated camel milk की shelf life 4 से 16 दिन तक बढ़ने की रिपोर्ट सामने आई है।
हालांकि “shelf life दोगुनी” और “शोध को patent” वाले सटीक दावे की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उसे तथ्य मानना सही नहीं होगा। भविष्य में ऐसी तकनीकों का सफल commercial development होने पर ऊंटनी के दूध की processing, storage और market reach को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।