मिजोरम की महिला किसान Z T Lalrithangi, जिन्हें Pi Mari-i के नाम से भी जाना जाता है, को खेती और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। उन्हें Food and Agriculture Organization (FAO) के ‘100 Women Heroes in Agrifood Systems and Rural Development’ सम्मान के लिए चुना गया है। यह चयन International Year of Women Farmers 2026 के तहत किया गया है।
मिजोरम के सांगाऊ गांव से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक पहुंचीं लालरिथांगी
Z T Lalrithangi मिजोरम के Lawngtlai जिले के Sangau गांव की रहने वाली हैं। खेती शुरू करने से पहले वह एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम करती थीं। बाद में उन्होंने खेती को अपने रोजगार का माध्यम बनाया और स्ट्रॉबेरी की खेती पर विशेष ध्यान दिया।
FAO के इस सम्मान के लिए दुनिया के 131 देशों से 600 से अधिक महिलाओं के नाम सामने आए थे। इनमें से 100 महिलाओं का चयन किया गया है। लालरिथांगी भारत से चुनी गई दो महिलाओं में शामिल हैं।
स्ट्रॉबेरी की खेती से बदली खेती की राह
लालरिथांगी ने वर्ष 2024 में स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की थी। शुरुआत करीब 1,000 पौधों से हुई। शुरुआती अनुभव और कमाई के बाद उन्होंने खेती का क्षेत्र बढ़ाया और अब दो हेक्टेयर जमीन पर 10,000 से अधिक स्ट्रॉबेरी पौधों की खेती कर रही हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, वह स्ट्रॉबेरी के साथ एवोकाडो, केला और दूसरी फल-सब्जियों की भी खेती करती हैं। वर्ष 2025 में उन्हें स्ट्रॉबेरी की खेती से 10 लाख रुपये से अधिक की आय हुई। उत्पादन का कुछ हिस्सा स्थानीय बाजार के लिए मूल्यवर्धित उत्पादों में भी इस्तेमाल किया जाता है।
बिना औपचारिक प्रशिक्षण के सीखी खेती की तकनीक
लालरिथांगी ने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू करते समय किसी औपचारिक प्रशिक्षण पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे किसानों के अनुभव और ऑनलाइन उपलब्ध कृषि सामग्री से जानकारी हासिल की। उन्होंने मिजोरम के दूसरे क्षेत्रों में सफल स्ट्रॉबेरी किसानों से भी खेती के तरीके समझे।
शुरुआत में उन्हें सरकारी सहायता से जुड़ी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने खेती का प्रयोग जारी रखा। बाद में राज्य के बागवानी विभाग से अलग-अलग स्तर पर सहायता मिलने की जानकारी भी सामने आई है।
FAO सम्मान के लिए क्यों हुआ चयन
FAO ने लालरिथांगी को स्ट्रॉबेरी की खेती में उनके समर्पण और कृषि तथा ग्रामीण विकास में योगदान के लिए चुना है। उनका काम यह दिखाता है कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी किसान स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार नई और उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाकर कृषि से जुड़े नए अवसर तैयार कर सकते हैं।
इस उपलब्धि से महिला किसानों की कृषि क्षेत्र में भूमिका भी चर्चा में आई है। International Year of Women Farmers 2026 के दौरान ऐसे उदाहरणों के जरिए कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं के योगदान को सामने लाया जा रहा है।
अक्टूबर में रोम में होगा सम्मान समारोह
लालरिथांगी को FAO मुख्यालय, रोम में होने वाले World Food Forum के दौरान सम्मानित किए जाने के लिए आमंत्रित किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह कार्यक्रम 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होना है।
उन्हें FAO की ओर से 21 सितंबर को ईमेल के जरिए चयन की जानकारी मिलने की बात सामने आई है। फिलहाल वह रोम जाने से जुड़े जरूरी यात्रा दस्तावेज तैयार कर रही हैं।
पहले भी मिल चुका है किसान सम्मान
FAO के अंतरराष्ट्रीय सम्मान से पहले भी लालरिथांगी को कृषि क्षेत्र में पहचान मिल चुकी है। उन्हें Mizoram Horti Fair 2026 में Lawngtlai जिले की Best Farmer के रूप में चुना गया था। अब FAO की 100 Women Heroes सूची में चयन ने उनकी उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी है।
महिला किसानों के लिए सामने आया महत्वपूर्ण उदाहरण
लालरिथांगी की कहानी खेती में नए प्रयोग, जानकारी हासिल करने और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल का चुनाव करने के महत्व को सामने लाती है। एक छोटे स्तर से शुरू हुई स्ट्रॉबेरी की खेती को विस्तार देने के बाद उन्हें अब वैश्विक कृषि समुदाय में पहचान मिली है।
FAO का यह सम्मान केवल एक किसान की उपलब्धि के रूप में नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास में महिलाओं की भागीदारी को सामने लाने वाले अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है। लालरिथांगी का चयन मिजोरम के दूरदराज क्षेत्र की महिला किसान के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की उल्लेखनीय उपलब्धि है।