किसानों के लिए PRAGATI Initiative लॉन्च, 20 हजार ग्रामीण युवाओं को बनाया जाएगा कृषि-उद्यमी

कृषि क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं के लिए उद्यमिता के नए अवसर तैयार करने के उद्देश्य से PRAGATI Initiative की शुरुआत की गई है। इस पहल का लक्ष्य 20 हजार ग्रामीण युवाओं को Agri-Entrepreneur के रूप में तैयार करना है, जो गांवों में किसानों तक कृषि से जुड़ी जरूरी सेवाएं और सलाह पहुंचाने में मदद करेंगे।

PRAGATI को 8 जुलाई 2026 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया। यह पहल कई संस्थाओं की साझेदारी से शुरू की गई है और इसका उद्देश्य करीब 20 लाख छोटे किसानों तक बेहतर कृषि सलाह, तकनीक, वित्तीय सेवाएं और बाजार से जुड़ी सुविधाएं पहुंचाना है।

PRAGATI Initiative का मुख्य उद्देश्य क्या है

PRAGATI का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे स्थानीय कृषि-उद्यमी तैयार करने पर है, जो किसानों और कृषि से जुड़ी सेवाओं के बीच एक कड़ी का काम कर सकें। पहल के तहत युवाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और जरूरी संसाधनों से जोड़कर गांव स्तर पर कृषि सेवाओं का नेटवर्क तैयार करने की योजना है।

इससे ग्रामीण युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ किसानों को स्थानीय स्तर पर तकनीकी और व्यावसायिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

20 हजार Agri-Entrepreneurs तैयार करने का लक्ष्य

इस पहल के तहत 20 हजार नए कृषि-उद्यमियों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। ये उद्यमी किसानों को खेती से संबंधित कई प्रकार की सेवाओं तक पहुंच बनाने में मदद करेंगे।

PRAGATI के तहत गांव स्तर पर 20 हजार entrepreneur-led kiosks स्थापित करने की योजना भी बताई गई है। इन केंद्रों के माध्यम से कृषि सलाह, मिट्टी की सेहत से जुड़ी सेवाएं, कृषि मशीनरी, वित्तीय सुविधाओं और बाजार तक पहुंच जैसी सेवाओं को किसानों के करीब लाने का प्रयास किया जाएगा।

किसानों को किन क्षेत्रों में मिल सकती है मदद

PRAGATI में कृषि-उद्यमियों को केवल खेती की तकनीक तक सीमित नहीं रखा गया है। पहल के तहत किसानों की खेती से लेकर वित्त और बाजार तक की जरूरतों को जोड़ने पर जोर दिया गया है।

  • मिट्टी की जांच और Soil Health से जुड़ी सेवाओं की जानकारी
  • आधुनिक कृषि तकनीक और खेती से जुड़ी सलाह
  • कृषि मशीनरी तथा Mechanization सेवाओं तक पहुंच
  • बैंकिंग, Credit, Insurance और अन्य वित्तीय सुविधाओं से जुड़ने में सहायता

आठ राज्यों में लागू होगी पहल

PRAGATI को शुरुआत में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, महाराष्ट्र और राजस्थान में लागू करने की योजना है। इन राज्यों में ग्रामीण युवाओं और छोटे किसानों को पहल से जोड़ने का काम किया जाएगा।

पहल में छोटे और सीमांत किसानों तक सेवाएं पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही महिलाओं की भागीदारी और ग्रामीण स्तर पर स्थानीय नेतृत्व को बढ़ावा देने की बात भी कार्यक्रम से जुड़े विवरण में कही गई है।

Regenerative Agriculture पर भी जोर

PRAGATI का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Regenerative और Climate-Resilient Agriculture को बढ़ावा देना है। इसका उद्देश्य ऐसी कृषि पद्धतियों को आगे बढ़ाना है, जिनमें खेती की उत्पादकता के साथ मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाए।

कृषि-उद्यमियों के माध्यम से किसानों तक टिकाऊ खेती, मिट्टी के स्वास्थ्य, संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और आय के विविध स्रोतों से जुड़ी जानकारी पहुंचाने की योजना है। इससे खेती को बदलती जलवायु और बढ़ती लागत जैसी चुनौतियों के बीच अधिक टिकाऊ बनाने की कोशिश की जाएगी।

किसानों की आय और उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य

कार्यक्रम से जुड़े विवरण में किसानों की आय और प्रमुख फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लक्ष्य भी रखे गए हैं। PRAGATI के तहत भाग लेने वाले किसानों की आय में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी और धान, मक्का तथा आलू जैसी प्रमुख फसलों की उपज में 15 से 20 प्रतिशत तक सुधार का लक्ष्य बताया गया है। ये कार्यक्रम के लक्ष्य हैं, न कि प्रत्येक किसान के लिए सुनिश्चित परिणाम।

इसके अलावा किसानों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने, बचत, बीमा और क्रेडिट जैसी सुविधाओं तक पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

पहले से मौजूद Agri-Entrepreneur नेटवर्क का विस्तार

PRAGATI पूरी तरह नए मॉडल से शुरू नहीं हुई है। इसके पीछे पहले से चल रहे Agri-Entrepreneur मॉडल का अनुभव भी शामिल है। कार्यक्रम से जुड़े विवरण के अनुसार देश में पहले से 26 हजार से अधिक कृषि-उद्यमियों का नेटवर्क रहा है, जो 26 लाख से अधिक किसानों को सेवाएं दे चुका है। नई पहल के जरिए इसी तरह के मॉडल को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना है।

ग्रामीण युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है PRAGATI

ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए कृषि केवल खेती करने तक सीमित नहीं रह गई है। कृषि मशीनरी, मिट्टी जांच, डिजिटल सलाह, बाजार संपर्क, वित्तीय सेवाएं, भंडारण, प्रसंस्करण और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों में भी उद्यमिता के अवसर मौजूद हैं।

PRAGATI इसी बदलाव को गांव के स्तर पर मजबूत करने का प्रयास है। प्रशिक्षित कृषि-उद्यमी किसानों को अलग-अलग सेवाओं से जोड़ने के साथ अपने क्षेत्र में स्थानीय व्यवसाय भी विकसित कर सकते हैं।

PRAGATI Initiative का लक्ष्य कृषि और ग्रामीण उद्यमिता को एक साथ आगे बढ़ाना है। 20 हजार ग्रामीण युवाओं को Agri-Entrepreneur के रूप में तैयार करने और करीब 20 लाख किसानों तक सेवाएं पहुंचाने की योजना के जरिए गांवों में कृषि सलाह, तकनीक, वित्त और बाजार की पहुंच मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। पहल का वास्तविक प्रभाव इसके क्रियान्वयन, युवाओं की भागीदारी और किसानों तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच पर निर्भर करेगा।

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