कटिहार में जिला स्तरीय कृषि टास्क फोर्स की बैठक में खरीफ फसल की स्थिति से लेकर बाढ़ से हुए नुकसान और किसान रजिस्ट्री तक कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने की, जबकि उप विकास आयुक्त डॉ. नेहा कुमारी सहित कृषि विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
खरीफ फसल आच्छादन की हुई समीक्षा
बैठक में शारदीय खरीफ 2026 के दौरान जिले में फसल आच्छादन की प्रगति की समीक्षा की गई। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार जिले में विभिन्न फसलों के लिए कुल 1,00,125.091 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके मुकाबले 97,782.72 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल आच्छादन दर्ज किया गया।
धान की खेती के मामले में भी बैठक में प्रगति की समीक्षा हुई। रिपोर्ट के अनुसार धान के लिए निर्धारित 93,837.70 हेक्टेयर लक्ष्य के मुकाबले शत-प्रतिशत आच्छादन हासिल होने की जानकारी दी गई।
बाढ़ से प्रभावित फसलों का लिया गया जायजा
बैठक में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2026 के अंतिम सप्ताह में अत्यधिक बारिश और विभिन्न नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण जिले के सात प्रखंडों की 61 पंचायतों में फसलें प्रभावित हुई थीं।
कुल 6,749 हेक्टेयर क्षेत्र में धान, जूट, मक्का, सब्जी और केला जैसी फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी बैठक में दी गई। प्रभावित क्षेत्र और फसल नुकसान से संबंधित आकलन एवं रिपोर्ट की स्थिति पर भी चर्चा की गई।
किसान Registry पर भी हुई चर्चा
कृषि टास्क फोर्स की बैठक में किसान रजिस्ट्री को लेकर भी समीक्षा की गई। किसान रजिस्ट्री डिजिटल कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। केंद्र के AgriStack ढांचे के तहत Farmer Registry में किसानों की पहचान को उनकी कृषि भूमि से जुड़े रिकॉर्ड के साथ जोड़ा जाता है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं की पहुंच को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
Farmer ID का इस्तेमाल विभिन्न कृषि सेवाओं और योजनाओं से जोड़ने के लिए किया जा सकता है। केंद्र सरकार के अनुसार Farmer Registry और अन्य डिजिटल कृषि रिकॉर्ड से लाभार्थी की पहचान, फसल संबंधी जानकारी और सरकारी सहायता की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।
कृषि योजनाओं और डिजिटल सर्वे की भी समीक्षा
बैठक में केवल फसल आच्छादन तक ही चर्चा सीमित नहीं रही। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, डिजिटल क्रॉप सर्वे, कृषि यंत्रीकरण और शिकायत निवारण जैसे विषयों की भी समीक्षा की गई।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेत स्तर पर बोई गई फसलों की जानकारी जुटाने में मदद मिलती है। केंद्र सरकार के अनुसार इस तरह के डिजिटल रिकॉर्ड कृषि योजना, फसल अनुमान, खरीद और अन्य कृषि सेवाओं के लिए उपयोगी हैं।
किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
बैठक में कृषि विभाग और संबद्ध विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी अधिकारियों ने जिला पदाधिकारी के सामने रखी। इसके साथ ही किसान रजिस्ट्री, फसल सर्वे और शिकायतों से जुड़े काम को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
कृषि क्षेत्र में डिजिटल रिकॉर्ड बढ़ने के साथ किसानों के लिए अपनी पहचान, भूमि और फसल से जुड़ी जानकारी सही रखना महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं और कृषि सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में रिकॉर्ड का उपयोग किया जा सकता है।
बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए राहत प्रक्रिया महत्वपूर्ण
बाढ़ और अतिवृष्टि से फसल प्रभावित होने की स्थिति में नुकसान का सही आकलन और समय पर राहत प्रक्रिया किसानों के लिए महत्वपूर्ण होती है। हाल के दिनों में अलग-अलग राज्यों में फसल नुकसान के बाद सर्वे और सहायता से जुड़ी प्रक्रियाएं भी चल रही हैं।
कटिहार की बैठक में भी बाढ़ से प्रभावित फसलों के क्षेत्र और नुकसान के आकलन की स्थिति पर चर्चा की गई। इससे प्रभावित किसानों तक राहत संबंधी कार्रवाई पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर जानकारी जुटाने की प्रक्रिया का महत्व सामने आता है।
इन मुद्दों पर रही मुख्य नजर
बैठक में कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को एक साथ समीक्षा के दायरे में रखा गया:
- खरीफ 2026 में फसल आच्छादन की स्थिति और निर्धारित लक्ष्य की प्रगति।
- बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों के नुकसान का आकलन।
- किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति।
- कृषि योजनाओं, कृषि यंत्रीकरण और किसानों की शिकायतों से जुड़ी स्थिति।
कटिहार में हुई कृषि टास्क फोर्स की बैठक में खरीफ फसल की प्रगति के साथ बाढ़ से हुए फसल नुकसान और किसान रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समीक्षा की गई। जिले में खरीफ फसल आच्छादन को लेकर प्रगति दर्ज की गई, वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान के आकलन पर भी ध्यान दिया गया। किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे जैसे डिजिटल रिकॉर्ड आने वाले समय में कृषि योजनाओं और सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।