Skip to content
Agriculture Update: शिवराज सिंह चौहान की डच कृषि मंत्री सिल्वियो एर्केन्स से बैठक, कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर

Agriculture Update: शिवराज सिंह चौहान की डच कृषि मंत्री सिल्वियो एर्केन्स से बैठक, कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर

WhatsApp Join WhatsApp

दोनों देशों ने कृषि क्षेत्र में पहले से चल रहे सहयोग की समीक्षा करते हुए नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया। बातचीत में आधुनिक तकनीक और ज्ञान के आदान-प्रदान के जरिए कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।

25 Centres of Excellence पर हुई चर्चा

बैठक में भारत में कृषि और बागवानी क्षेत्र से जुड़े 25 Centres of Excellence की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। इन केंद्रों के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर कृषि इनपुट और किसानों की क्षमता बढ़ाने से जुड़े कार्यों में सहयोग किया जा रहा है।

भारत-नीदरलैंड सहयोग के तहत Centres of Excellence को आधुनिक खेती और बागवानी तकनीकों के प्रशिक्षण तथा प्रदर्शन के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देखा जा रहा है। दोनों देशों के बीच इस सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

Seed Sector में सहयोग बढ़ाने की तैयारी

बैठक में बीज क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों को स्पष्ट करने के लिए एक Work Plan तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई।

बेहतर गुणवत्ता वाले बीज कृषि उत्पादन और फसल की गुणवत्ता के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में बीज क्षेत्र में तकनीकी और ज्ञान आधारित सहयोग से दोनों देशों के कृषि संस्थानों तथा संबंधित क्षेत्र के लिए नए अवसर तैयार हो सकते हैं।

Agricultural Innovation पर भी जोर

बैठक में Agricultural Innovation को भी प्रमुख विषय के रूप में रखा गया। दोनों देशों में कृषि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में हुए विकास को ध्यान में रखते हुए भविष्य में सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने पर बातचीत हुई।

Modern Farming में नई तकनीकों, बेहतर उत्पादन प्रणालियों और संसाधनों के प्रभावी उपयोग की भूमिका बढ़ रही है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान और तकनीकी अनुभव साझा करने से कृषि क्षेत्र में नए प्रयोगों को बढ़ावा मिल सकता है।

Market Access और कृषि व्यापार पर चर्चा

भारत और नीदरलैंड के बीच कृषि सहयोग केवल उत्पादन तकनीक तक सीमित नहीं है। बैठक में Market Access से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच, गुणवत्ता और मूल्य श्रृंखला से जुड़े विषय दोनों देशों के सहयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

नीदरलैंड की ओर से कृषि और खाद्य क्षेत्र में तकनीक तथा नवाचार से जुड़े अनुभव को भारत के साथ साझा करने की संभावनाएं भी इस व्यापक सहयोग का हिस्सा हैं। नीदरलैंड सरकार के अनुसार दोनों देशों के बीच कृषि, बागवानी, टिकाऊ खाद्य प्रसंस्करण और innovative value chains में सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर है।

किसानों तक तकनीक पहुंचाने पर ध्यान

भारत जैसे बड़े कृषि देश में नई तकनीक का वास्तविक लाभ तभी व्यापक स्तर पर मिल सकता है, जब वह किसानों तक पहुंच सके। इसी वजह से Centres of Excellence, प्रशिक्षण, ज्ञान के आदान-प्रदान और कृषि नवाचार जैसे विषयों का महत्व बढ़ जाता है।

भारत-नीदरलैंड सहयोग में हाई-टेक ग्रीनहाउस, बेहतर कृषि इनपुट, क्षमता निर्माण और टिकाऊ कृषि जैसी गतिविधियों पर पहले से काम किया जा रहा है। दोनों देशों ने इन सहयोग कार्यक्रमों के प्रभाव को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

Agriculture Sector में आगे बढ़ सकती है साझेदारी

दोनों देशों के बीच कृषि सहयोग को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के संदर्भ में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। मई 2026 में जारी भारत-नीदरलैंड संयुक्त वक्तव्य में Sustainable Agriculture और Food Systems, Water Management, Climate Change तथा Agri-Tech जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही गई थी।

इससे आने वाले समय में कृषि तकनीक, बागवानी, बीज, खाद्य प्रसंस्करण, जल प्रबंधन और किसानों के प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर विकसित होने की संभावना बनती है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और नीदरलैंड के मंत्री सिल्वियो एर्केन्स के बीच हुई बैठक में भारत-नीदरलैंड कृषि सहयोग को आगे बढ़ाने के कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। 25 Centres of Excellence की प्रगति, Seed Sector में सहयोग, Market Access और Agricultural Innovation बैठक के प्रमुख विषय रहे।

आधुनिक तकनीक और ज्ञान के आदान-प्रदान पर बढ़ता जोर कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। हालांकि इसका वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि इन सहयोग कार्यक्रमों और तकनीकों को किस तरह लागू किया जाता है और उनका लाभ किसानों तक कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचता है।

Apply Online

भारत के 15 सबसे आसानी मिलने वाली स्कॉलरशिप में आवेदन करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *