मामला उस समय सामने आया जब साइक्लोसिनोन नाम के कृषि-रसायन की ऑनलाइन बिक्री और प्रचार को लेकर शिकायत हुई। जांच के दौरान कृषि मंत्रालय से मिली जानकारी के आधार पर बताया गया कि ‘साइक्लोसिनोन’ नाम का रसायन कीटनाशक अधिनियम, 1968 की अनुसूची में सूचीबद्ध नहीं है।
साइक्लोसिनोन को लेकर क्या है नया Alert?
साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड की बिक्री और प्रचार को लेकर नियामकीय कार्रवाई की गई है। CCPA ने Amazon, Flipkart और JioMart को संबंधित उत्पाद की बिक्री और विज्ञापन तुरंत रोकने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म को ऐसे उत्पादों की पहचान के लिए अपने स्तर पर जांच करने और अनुपालन रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए गए।
सितंबर 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार Amazon और Flipkart पर 10-10 लाख रुपये तथा JioMart पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई उत्पाद की बिक्री और उसके प्रचार से जुड़े नियामकीय उल्लंघनों के मामले में हुई।
कृषि मंत्रालय की जांच में क्या सामने आया?
मामले की जांच के दौरान कृषि मंत्रालय से भी जानकारी ली गई। रिपोर्टों के अनुसार मंत्रालय ने CCPA को बताया कि ‘साइक्लोसिनोन’ नाम का कोई रसायन कीटनाशक अधिनियम, 1968 की अनुसूची में शामिल नहीं है।
इसके अलावा ऑनलाइन लिस्टिंग में उत्पाद के सक्रिय रासायनिक घटक और संरचना से जुड़ी जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई। ऐसे में उत्पाद की बिक्री और मार्केटिंग को लेकर नियामकीय सवाल उठे।
किसानों के लिए क्यों जरूरी है यह जानकारी?
कृषि रसायनों का इस्तेमाल फसल और पर्यावरण से जुड़ा संवेदनशील विषय है। इसलिए किसान किसी भी खरपतवारनाशक या अन्य कृषि रसायन को खरीदने से पहले यह जरूर देखें कि वह संबंधित नियमों के तहत पंजीकृत और अधिकृत है या नहीं।
हालिया कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर भी कृषि अधिकारियों ने विक्रेताओं और किसानों को साइक्लोसिनोन की बिक्री तथा खरीद से बचने की सलाह दी है। बस्ती में जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने विक्रेताओं को ऐसे उत्पाद की बिक्री और भंडारण नहीं करने तथा किसानों से इसे नहीं खरीदने की अपील की है।
कृषि रसायन खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
किसानों को किसी भी कृषि रसायन की खरीद करते समय उत्पाद की वैधता और लेबल संबंधी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। बिना पंजीकरण या अधूरी जानकारी वाले उत्पादों से बचना जरूरी है।
- कृषि रसायन केवल अधिकृत और विश्वसनीय विक्रेता से ही खरीदें।
- उत्पाद के लेबल, पंजीकरण और निर्माता से जुड़ी जानकारी जांचें।
- बिना स्पष्ट रासायनिक संरचना या जरूरी जानकारी वाले उत्पाद को खरीदने से बचें।
- किसी भी खरपतवारनाशक या कीटनाशक के इस्तेमाल से पहले कृषि विशेषज्ञ या संबंधित विभाग से सलाह लें।
विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की चेतावनी
साइक्लोसिनोन को लेकर केवल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ही नहीं, बल्कि स्थानीय विक्रेताओं को भी निर्देश जारी किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में कृषि विभाग ने कीटनाशी विक्रेताओं, डीलरों और वितरकों को साइक्लोसिनोन की ऑनलाइन और ऑफलाइन बिक्री नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान यदि प्रतिबंधित या अपंजीकृत कृषि रसायन की बिक्री या भंडारण पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
किसानों को क्या करना चाहिए?
किसानों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि किसी भी नए या ऑनलाइन प्रचारित कृषि रसायन को केवल विज्ञापन देखकर न खरीदें। उत्पाद की वैधता और संबंधित विभाग की जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
यदि किसी किसान के पास पहले से ऐसा उत्पाद मौजूद है, तो उसे अपनी फसल में इस्तेमाल करने के बजाय संबंधित कृषि विभाग या कृषि विशेषज्ञ से जानकारी लेनी चाहिए। इससे बिना पुष्टि वाले कृषि रसायन के इस्तेमाल से होने वाली संभावित समस्या से बचा जा सकता है।
साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड को लेकर हालिया कार्रवाई किसानों के लिए महत्वपूर्ण Alert है। संबंधित उत्पाद की बिक्री और प्रचार पर रोक के निर्देश दिए गए हैं और अपंजीकृत कृषि-रसायन की बिक्री को लेकर नियामकीय कार्रवाई भी हुई है।
किसानों को सलाह है कि वे कृषि रसायन खरीदते समय केवल अधिकृत और पंजीकृत उत्पादों का चयन करें तथा किसी भी संदिग्ध या अपंजीकृत उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले संबंधित कृषि विभाग से जानकारी प्राप्त करें।
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