देश के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनके हुनर को नई पहचान देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना चलाई जा रही है। इस योजना का नाम PM Vishwakarma Yojana है, जिसके तहत हाथ के हुनर से काम करने वाले कामगारों को ट्रेनिंग, टूलकिट के लिए वित्तीय सहायता और बेहद कम ब्याज दर पर बिजनेस लोन दिया जाता है। साल 2026 में भी इस योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी तेजी से चल रही है, ताकि देश के कोने-कोने में रहने वाले छोटे कारीगर इसका सीधा लाभ उठा सकें।
पीएम विश्वकर्मा योजना का मुख्य उद्देश्य और लाभ
इस केंद्रीय योजना को सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) द्वारा संचालित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों जैसे लोहार, सुनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, नाई और दर्जी के कौशल को आधुनिक बनाना है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को आधुनिक औजार खरीदने के लिए वित्तीय मदद देने के साथ-साथ उनके काम को बढ़ाने के लिए बिना किसी गारंटी के बहुत ही सस्ता लोन प्रदान किया जाता है ताकि वे समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें।
- योजना के तहत कारीगरों को 5 से 7 दिनों की बेसिक और 15 दिन या उससे अधिक की एडवांस स्किल ट्रेनिंग दी जाती है।
- ट्रेनिंग के दौरान हर लाभार्थी कारीगर को ₹500 प्रति दिन का वजीफा (स्टाइपेंड) भी दिया जाता है।
- ट्रेनिंग पूरी होने के बाद आधुनिक टूलकिट यानी औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का ई-वाउचर या वित्तीय सहायता मिलती है।
- अपने काम को बड़ा करने के लिए कारीगरों को बिना किसी गारंटी के ₹3 लाख तक का लोन दो चरणों में मिलता है।
योजना के लिए जरूरी पात्रता और नियम (Eligibility)
पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता मानदंड तय किए हैं, जिनका पालन करना हर आवेदक के लिए आवश्यक है:
- आवेदक की न्यूनतम आयु आवेदन करते समय 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक का हाथ से काम करने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों (जैसे सुथार, लोहार, कुम्हार, मोची, मूर्तिकार आदि) में से किसी एक से जुड़ा होना अनिवार्य है।
- परिवार का केवल एक ही सदस्य (पति, पत्नी या अविवाहित बच्चे) इस योजना के तहत लाभ पाने का हकदार होगा।
- सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति या उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं माने जाएंगे।
PM Vishwakarma Yojana 2026: मुख्य जानकारी
| संबंधित मंत्रालय | MSME मंत्रालय |
| न्यूनतम आयु | 18 वर्ष |
| पात्र व्यवसाय | 18 पारंपरिक व्यवसाय |
| टूलकिट सहायता | ₹15,000 तक |
| प्रशिक्षण भत्ता | ₹500 प्रतिदिन |
| अधिकतम ऋण | ₹3 लाख |
| ऋण की ब्याज दर | 5% वार्षिक |
| आवेदन शुल्क | निःशुल्क |
| आवेदन माध्यम | अधिकृत CSC केंद्र |
वित्तीय सहायता और लोन के भुगतान का पूरा विवरण
इस योजना के अंतर्गत मिलने वाला ऋण यानी लोन पूरी तरह से कोलैटरल-फ्री (बिना किसी गारंटी के) होता है और इस पर ब्याज की दर बहुत ही कम यानी केवल 5% सालाना तय की गई है। इसके अलावा, डिजिटल लेनदेन करने वाले कारीगरों को प्रति ट्रांजैक्शन अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाता है। इस योजना के पूरे वित्तीय ढांचे और लोन वितरण के चरणों को नीचे दी गई तालिका के माध्यम से आसानी से समझा जा सकता है:
| योजना के मुख्य वित्तीय घटक | मिलने वाली सहायता या लोन राशि | ब्याज दर और चुकाने की अवधि (टिन्योर) |
|---|---|---|
| टूलकिट प्रोत्साहन (Toolkit Incentive) | ₹15,000 (एकमुश्त ई-वाउचर) | पूरी तरह से मुफ्त (अनुदान) |
| प्रथम चरण का लोन (1st Tranche) | ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) | 5% ब्याज दर – 18 महीने में चुकाने की अवधि |
| द्वितीय चरण का लोन (2nd Tranche) | ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) | 5% ब्याज दर – 30 महीने में चुकाने की अवधि |
| दैनिक प्रशिक्षण वजीफा (Daily Stipend) | ₹500 प्रति दिन | ट्रेनिंग अवधि के दौरान नियमित भुगतान |
ऑनलाइन आवेदन करने का पूरा तरीका (Steps)
पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और बेहद सुरक्षित बनाया गया है। कारीगर अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर या खुद भी ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
- सबसे पहले योजना के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाएं और अपने मोबाइल नंबर व आधार कार्ड की मदद से बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (सत्यापन) पूरा करें।
- इसके बाद पोर्टल पर उपलब्ध ‘पीएम विश्वकर्मा पंजीकरण फॉर्म’ को ध्यानपूर्वक भरें, जिसमें अपना नाम, व्यवसाय और बैंक खाता विवरण बिल्कुल सही दर्ज करें।
- अपने व्यवसाय से जुड़े दस्तावेज या आवश्यक घोषणा पत्र अपलोड करके फॉर्म को फाइनल सबमिट कर दें और डिजिटल पीएम विश्वकर्मा सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड डाउनलोड कर लें।
- फॉर्म सबमिट होने के बाद इसे पहले ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय स्तर पर, फिर जिला स्तर पर और अंत में राज्य समिति द्वारा सत्यापित किया जाएगा, जिसके बाद ही ट्रेनिंग और लोन की प्रक्रिया शुरू होगी।
पीएम विश्वकर्मा योजना 2026 देश के हुनरमंद कारीगरों के आत्मनिर्भर और सशक्त भविष्य के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित हो रही है। ₹15,000 की टूलकिट सहायता और ₹3 लाख तक का यह बेहद सस्ता सरकारी लोन छोटे व्यवसायियों को अपने काम को एक बड़े उद्योग में बदलने का सुनहरा अवसर देता है। जो भी शिल्पकार और कारीगर इन सभी पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, वे बिना किसी देरी के भारत सरकार के आधिकारिक पीएम विश्वकर्मा पोर्टल pmvishwakarma.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन आसानी से पूरा कर सकते हैं।
भारत के 15 सबसे आसानी मिलने वाली स्कॉलरशिप में आवेदन करें।

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