Revus vs Nativo Fungicide | दोनों में से कौन सा दमदार

खेती में फसल को रोगों से बचाने के लिए सही फफूंदनाशी का चुनाव बहुत जरूरी होता है। Revus और Nativo दोनों ही चर्चित फफूंदनाशी हैं, लेकिन दोनों की संरचना, काम करने का तरीका और लक्षित रोग अलग हैं।

ऐसे में केवल यह कहना सही नहीं होगा कि इनमें से कोई एक हर फसल और हर बीमारी के लिए सबसे दमदार है। सही चुनाव इस बात पर निर्भर करता है कि फसल में कौन सा रोग दिखाई दे रहा है।

Revus Fungicide क्या है और किन रोगों पर काम करता है

Revus में Mandipropamid 23.4% SC सक्रिय घटक होता है। यह मुख्य रूप से लेट ब्लाइट और डाउनी मिल्ड्यू जैसे रोगों के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। भारत में इसके लेबल पर अंगूर में डाउनी मिल्ड्यू तथा आलू और टमाटर में लेट ब्लाइट के लिए उपयोग दर्ज है।

Mandipropamid FRAC Group 40 से संबंधित है। इसका प्रभाव विशेष रूप से Oomycete समूह के रोगजनकों पर होता है। यह फफूंद के विकास में जरूरी फॉस्फोलिपिड और कोशिका भित्ति बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है, जिससे रोग के फैलाव को रोकने में मदद मिलती है।

Revus को सामान्य रूप से रोग आने से पहले या रोग के शुरुआती दौर में सुरक्षा कार्यक्रम का हिस्सा बनाकर इस्तेमाल किया जाता है। इसकी translaminar गतिविधि पत्तियों के ऊतकों में प्रभाव पहुंचाने में मदद करती है और निर्माता के अनुसार यह बारिश के प्रति भी अच्छी मजबूती प्रदान करता है।

Nativo Fungicide की खासियत क्या है

Nativo एक मिश्रित फफूंदनाशी है, जिसमें Tebuconazole 50% और Trifloxystrobin 25% WG शामिल हैं। इन दोनों सक्रिय घटकों का तरीका अलग है, इसलिए Nativo का उपयोग कई प्रकार के लक्षित फफूंद रोगों के प्रबंधन के लिए किया जाता है।

Tebuconazole रोगजनक में sterol बनने की प्रक्रिया को रोकता है, जबकि Trifloxystrobin फफूंद की श्वसन प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इस वजह से Nativo में सुरक्षात्मक और उपचारात्मक दोनों प्रकार की गतिविधि का संयोजन मिलता है।

भारत में Nativo के उपयोग में धान के ब्लास्ट, शीथ ब्लाइट और कुछ अन्य रोगों के अलावा टमाटर के अर्ली ब्लाइट, गेहूं के येलो रस्ट और पाउडरी मिल्ड्यू तथा आम के पाउडरी मिल्ड्यू और एन्थ्रेक्नोज जैसे लक्षित रोग शामिल हैं। हालांकि किसी फसल में इस्तेमाल से पहले उस फसल और रोग के लिए उत्पाद लेबल पर दिया गया अनुमोदित उपयोग देखना जरूरी है।

Revus और Nativo में सबसे बड़ा अंतर

दोनों उत्पादों को एक ही बीमारी के लिए एक-दूसरे का सीधा विकल्प मानना सही नहीं है। Revus का सक्रिय घटक Mandipropamid है और इसका मुख्य फोकस Oomycete से जुड़े रोगों, खासकर डाउनी मिल्ड्यू और लेट ब्लाइट, पर है। दूसरी ओर Nativo दो अलग सक्रिय घटकों का मिश्रण है और इसका उपयोग कई अलग-अलग फफूंद रोगों के लिए किया जाता है।

आसान भाषा में समझें तो चुनाव रोग के आधार पर करना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

  • आलू या टमाटर में लेट ब्लाइट जैसी समस्या हो तो Revus अधिक लक्षित विकल्प हो सकता है।
  • अंगूर में डाउनी मिल्ड्यू की समस्या के लिए Revus का उपयोग दर्ज है।
  • धान में ब्लास्ट या शीथ ब्लाइट जैसी लक्षित बीमारियों के लिए Nativo का उपयोग दर्ज है।
  • गेहूं, टमाटर, आम और अन्य फसलों में Nativo का चुनाव तभी करना चाहिए जब संबंधित रोग के लिए उसका अनुमोदित उपयोग मौजूद हो।

कौन सा ज्यादा दमदार है

अगर सवाल यह है कि Revus और Nativo में से सामान्य रूप से कौन ज्यादा ताकतवर है, तो इसका कोई एक सही जवाब नहीं है। दोनों की ताकत अलग-अलग रोगों के खिलाफ है।

लेट ब्लाइट या डाउनी मिल्ड्यू जैसी बीमारी में Revus का फायदा यह है कि Mandipropamid विशेष रूप से इसी तरह के रोगजनकों के प्रबंधन के लिए जाना जाता है। इसलिए ऐसी स्थिति में केवल Nativo को ज्यादा दमदार मानना उचित नहीं होगा।

वहीं धान, गेहूं, टमाटर या आम में Nativo के लेबल पर दर्ज लक्षित रोगों के मामले में Nativo ज्यादा उपयोगी विकल्प हो सकता है। इसके दो अलग-अलग सक्रिय घटक इसे व्यापक रोग प्रबंधन के लिए उपयोगी बनाते हैं।

इसलिए सही निष्कर्ष यही है कि रोग के अनुसार Revus या Nativo में से चुनाव करना चाहिए, केवल ब्रांड की ताकत देखकर नहीं।

दवा का चयन करते समय इन बातों का रखें ध्यान

फफूंदनाशी का चुनाव करते समय फसल की अवस्था, रोग की सही पहचान, संक्रमण की गंभीरता और उत्पाद के लेबल पर दर्ज अनुमोदित उपयोग को ध्यान में रखना जरूरी है। गलत बीमारी पर सही दवा भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकती।

खास तौर पर एक ही रासायनिक समूह की दवा को बार-बार इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। रोग नियंत्रण कार्यक्रम में अलग-अलग कार्यप्रणाली वाले फफूंदनाशियों का उचित रोटेशन प्रतिरोध की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। Revus FRAC Group 40 से संबंधित है, जबकि Nativo में Tebuconazole और Trifloxystrobin क्रमशः FRAC Group 3 और 11 से संबंधित हैं।

दवा की मात्रा भी अनुमान से तय नहीं करनी चाहिए। फसल और रोग के अनुसार लेबल पर निर्धारित मात्रा, पानी की मात्रा, छिड़काव का समय और कटाई से पहले आवश्यक अंतराल का पालन करना जरूरी है।

निष्कर्ष

Revus और Nativo दोनों प्रभावी फफूंदनाशी हैं, लेकिन दोनों का इस्तेमाल एक जैसी परिस्थितियों में नहीं किया जाता। डाउनी मिल्ड्यू और लेट ब्लाइट जैसे लक्षित रोगों में Revus एक विशेष विकल्प है, जबकि कई अन्य फफूंद रोगों में Nativo का व्यापक उपयोग दर्ज है।

इसलिए किसान के लिए सबसे दमदार दवा वही होगी जो फसल में मौजूद सही रोग के लिए अनुमोदित हो और सही समय पर सही तरीके से इस्तेमाल की जाए। केवल यह देखकर कि कोई उत्पाद ज्यादा शक्तिशाली है, उसे हर बीमारी में इस्तेमाल करना उचित नहीं है।

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